
प्रखर राष्ट्रवाद न्यूज़ बिलासपुर/छ.ग. -:व्यापार विहार बिलापुर मे 16नवम्बर् से 22नवम्बर् तक होने वाली संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के चौथे दिवस की कथा साध्वी सुश्री पूर्वी शुक्ला ने भगवान के जन्मोत्सव,बाल लीलाओं की अमृतमयी कथा का रसा स्वादन भक्तों को कराया। कथा वाचिका साध्वी पूर्वी शुक्ला ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के प्रसंग और भगवान की बाल लीला का भी वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर कोई संकट आता है, दुष्टों का अत्याचार बढ़ता है तो भगवान अवतरित होकर उस संकट को दूर करते हैं।

भगवान विष्णु ने कई बार पृथ्वी पर अवतार लिए हैं। भगवान स्वयं धरती पर प्रकट हुए हैं और दुष्टों का हर युग में संहार किया है।प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। जब धरा पर मथुरा के राजा कंस के अत्याचार अत्यधिक बढ़ गए, तब धरती की करुण पुकार सुनकर श्री हरि विष्णु ने देवकी माता के अष्टम पुत्र के रूप में भगवान श्री कृष्ण ने जन्म लिया। इसी प्रकार त्रेता युग में लंकापति रावण के अत्याचारों से जब धरा डोलने लगी तब मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने जन्म लिया, ऐसे तमाम प्रसंग श्रोताओं को सुनाएं, जिसे सुनकर उपस्थित श्रोता भक्ति भाव में तल्लीन हो गए। गोपियों के घर से केवल माखन चुराया अर्थात सार तत्व को ग्रहण किया और असार को छोड़ दिया।प्रभु हमें समझाना चाहते हैं कि सृष्टि का सार तत्व परमात्मा है। इसलिए असार यानी संसार के नश्वर भोग पदार्थों की प्राप्ति में अपने समय, साधन और सामर्थ को अपव्यय करने की जगह हमें अपने अंदर स्थित परमात्मा को प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसी से जीवन का कल्याण संभव है।व्यापार विहार बिलासपुर मे चल रहे संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा व्यास साध्वी पूर्वी शुक्ला कि श्री कृष्ण जन्मोत्सव की कथा मे लोग नंद क घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की व अन्य बधैई भजनो मे नृत्य करते हुये सराबोर हुये।

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